प्रेम, बुद्धि और मन
समाज में आपसी प्रेम कम होने का मुख्य कारण चारों तरफ फैला डर और घृणा का महौल है क्योंकि घृणा से घृणा और डर से डर आकर्षित होता है ............
समाज में आपसी प्रेम कम होने का मुख्य कारण चारों तरफ फैला डर और घृणा का महौल है क्योंकि घृणा से घृणा और डर से डर आकर्षित होता है ............
प्रेम सोच-समझ कर नहीं किया जा सकता | प्रेम हो जाता है और वह किसी से भी हो सकता है | जरूरी नहीं कि प्रेम, प्रेमी और प्रेमिका के बीच ही हो |
व्यक्तित्व विकास या सफलता पाने के लिए आपके अंदर दृढ़ता अर्थात किसी भी काम को करने की इच्छा तीव्र हो | यह तभी होगा जब मन में भटकन लेश मात्र न हो |
अपनी असफलता का कारण किन्ही बाह्रय कारणों को मानते हैं तो भविष्य में आपकी सफलता के चांस लगभग शून्य हैं | क्योंकि कल जो कारण थे वही कल भी रहने वाले हैं |
आप भूतकाल या भविष्य से परेशान हो रहे हैं | और जो कुछ भी हो रहा है वह आपके मुताबिक नहीं हो रहा है | लेकिन आप इसमें एक काल तो भूल ही गये हैं | वर्तमान काल |
यह लेख उनके लिए है जिन्हें प्यार में धोखा मिलता है या प्यार असफल हो जाता है या रिश्ते में खटास बढ़ती ही जा रही है : वह रिश्ता कोई-सा भी हो सकता है |