आइये मैडिटेशन सीखें -1
इन सब से अलग हमारे आज के निजी जीवन में ध्यान का अर्थ हर किसी के लिए अलग है | कुछ ध्यान का अर्थ मन को शांत करना मानते है... यह जानते हुए कि.....
इन सब से अलग हमारे आज के निजी जीवन में ध्यान का अर्थ हर किसी के लिए अलग है | कुछ ध्यान का अर्थ मन को शांत करना मानते है... यह जानते हुए कि.....
विज्ञान भैरव तंत्र में बताई गई 112 विधि उनके लिए हैं जो शरीर के रास्ते ध्यान लगाना चाहते हैं | जो प्रेमी हैं उनके लिए प्रेम ही ध्यान मार्ग है |
तंत्प्रेर कहता है कि प्रेम स्वयम ही ध्यान है जिससे ईश्वर तक खिंचे चले आते हैं | शरीर की जरूरत केवल उन्हें है जो प्रेम को जगाने में असफल हैं |
आइये तंत्र का इतिहास जाने – यह जान कर आपकी तंत्र के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी और साथ ही साथ यह भी ज्ञात होगा कि जो प्रचलित होता है जरूरी नहीं सच भी हो |
वजन-शून्य होने पर आपका, शरीर और सोच दोनों से सम्बन्ध टूट जाता है | ध्यानावस्था में शरीर और सोच ही सबसे बड़े बाधक है और अब आपका शरीर आपके साथ नहीं है |
इस सूत्र में बताई गई विधि कुछ हद तक खेचरी क्रिया और कुछ हद तक सोहम क्रिया से मिलती जुलती है | ऐसा भी कह सकते हैं कि यह इन दोनों का मिश्रण है |