‘ह’ ध्वनि – ध्यान विधि-1

इस क्रिया से शरीर और मन दोनों शांत हो जाते हैं और ध्यान बहुत आसानी से लग जाता है | गुस्सा छूमंतर हो जाता है और अधिक सोच भी कम होने लगेगी |

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स्पर्श एवं निहार – ध्यान विधि

इस आनंद या ख़ुशी को अपने अंदर समाहित कर ध्यान पर बैठना है और उसी आनन्द को महसूस कर उस में खोना है | यह बहुत ही आसान विधि है, कोई भी कर सकता है |

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निद्रा ध्यान विधि -3

इन दो सूत्र में बताई गई विधि अनुसार रात को सोने के समय पीठ के बल शव आसन (शरीरिक योगानुसार) में लेटें और सोने की कोशिश करें | अभ्यस्त होने पर आगे बढ़ें |

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निद्रा-ध्यान विधि – 2

मनोविज्ञान और आध्यात्म दोनों ही यह मानते हैं कि REM में हम नींद और जागृत अवस्था के बीच में होते हैं तभी तो जागने पर हमें स्वपन याद रह जाते हैं

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निद्रा-ध्यान विधि भाग -1

हम अपने जीवन का लगभग एक तिहाई भाग सो कर गुजारते हैं | आपके सोने पर भी आपका शरीर नहीं सोता है बल्कि वह कमी और कमजोरी को ठीक करने में जुट जाता है ?

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दर्श ध्यान विधि – 3

इस सूत्र का संदेश है कि हम द्वैत के आदि हो चुके हैं इसके बावजूद भी हमें अँधेरे में ही सकून मिलता है, नींद आती है और आनन्द की प्राप्ति होती है |

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