श्वास विधि द्वारा ध्यान – 5
इस विधि में आप आज्ञा चक्र यानि तीसरी आँख या अनाहत यानि हृदय चक्र या फिर विशुद्ध चक्र यानि थ्रोट चक्र पर ध्यान लगा कर शुरुआत कर सकते हैं |
इस विधि में आप आज्ञा चक्र यानि तीसरी आँख या अनाहत यानि हृदय चक्र या फिर विशुद्ध चक्र यानि थ्रोट चक्र पर ध्यान लगा कर शुरुआत कर सकते हैं |
तंत्र योग है और इससे भी बढ़ कर पूरे का पूरा विज्ञान है | इसे धर्म से जोड़ कर न देखे | हम विज्ञान को धर्म से नहीं जोड़ते वैसे ही इसे भी नहीं जोड़ना चाहिए |
इस विधि को करते हुए जब आप दर्शक बन जाते हैं तब सब कुछ रुक जाता है | असल में वह रुकता नहीं है बल्कि वह तीसरी आँख की शक्ति में परिवर्तित हो जाता है |
तीसरी आँख या आज्ञा चक्र को सक्रिय करने से पहले कुछ जरूरी बातें जानना बहुत जरूरी है ताकि बाद में आपको कोई परेशानी न आये जैसे बुरी सोच छोड़ना होगा |
हमारे माथे के बीचोबीच यानि दोनों eyebrow के बीच तीसरी आँख होती है जिसे आज्ञा या अजना चक्र भी कहा जाता है | आइये इसे इस सूत्र विधि द्वारा सक्रिय करें |
तंत्र, आध्यात्म, योग, ध्यान आदि में सफलता पाने के लिए उन के साथ प्राकृतिक रूप से जुड़ने के इलावा आपको यह करने का उद्देश्य पूरी तरह से साफ़ होना जरूरी है |