तीसरी आँख सक्रिय करें – 1
हमारे माथे के बीचोबीच यानि दोनों eyebrow के बीच तीसरी आँख होती है जिसे आज्ञा या अजना चक्र भी कहा जाता है | आइये इसे इस सूत्र विधि द्वारा सक्रिय करें |
हमारे माथे के बीचोबीच यानि दोनों eyebrow के बीच तीसरी आँख होती है जिसे आज्ञा या अजना चक्र भी कहा जाता है | आइये इसे इस सूत्र विधि द्वारा सक्रिय करें |
तंत्र, आध्यात्म, योग, ध्यान आदि में सफलता पाने के लिए उन के साथ प्राकृतिक रूप से जुड़ने के इलावा आपको यह करने का उद्देश्य पूरी तरह से साफ़ होना जरूरी है |
सूत्र -26 हमें साँस के प्रति सजग रहने को कहता है लेकिन उस समय जब आने और जाने वाली साँस एक हो गई है यानि सूत्र-24 और 25 का नाभि केंद्र पर मिलन |
यदि पद्मासन में नहीं बैठ सकते तो सुखासन में बैठे या लेटें और आँख बंद कर साँस के दोनों छोर जहाँ से साँस पलटती है, पकड़ कर ध्यानावस्था में खो जाएँ |
ये मन्त्र गहराई में छुपा है | जब आपकी साँस गहरी होती चली जाती है तब आपके साँस अंदर खींचते हुए ‘अम’ की ध्वनि आती है और छोड़ते हुए ‘साह’ की |
इस विधि का मुख्य ध्येय ये है कि आपकी उर्जा जो इस इंद्री पर लग रही थी वह रुक जाए और वह तभी रुक सकती है जब आप रोजाना अपनी इच्छा से करें |