निजी जानकारी -3
बहुत तरीके हैं जिस के जरिये आप निजी जानकारी संजो के रख भी सकते हैं समय आने पर साझा भी कर सकते हैं लेकिन बिना आपकी अनुमति के कोई नहीं देख सकता |
बहुत तरीके हैं जिस के जरिये आप निजी जानकारी संजो के रख भी सकते हैं समय आने पर साझा भी कर सकते हैं लेकिन बिना आपकी अनुमति के कोई नहीं देख सकता |
आप में से बहुत लोग यह नहीं चाहते होंगे कि वह अपनी तनख्वाह या उन्होंने क्या बचत की हुई वह अपने घर वालों को बतायें | आपको बतानी चाहिए लेकिन यदि.....
हमारे समाज में शुरू से यह चलन रहा है कि घर का मुखिया अपनी बचत हर किसी से छुपा कर रखते हैं | ऐसे परिवार बहुत ही कम होंगे जिन में यह चलन नहीं होगा |
हम मन के खिलोने बन चुके हैं | परिवार के लिए जरूरी बातें हैं उन से छुपा रहे हैं | हम सोशल मिडिया का प्रयोग करते हुए जरूरी सावधानी नहीं बरत रहे हैं |
उम्र के साथ हर व्यक्ति के जीवन में बदलाव आते हैं | कुछ उस बदलाव को सहन कर पाते हैं तो कुछ नहीं कर पाते हैं | जीवन एक बहती नदी के समान है |